मंत्री लेशी सिंह ने विभाग की उपलब्धियों की दी जानकारी, कहा- उपभोक्ताओं को नहीं होगी दिक्कत, कालाबजारी नहीं होने देंगे
आज की प्रेस कॉन्फ्रेस में मंत्री, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, श्रीमती लेशी सिंह ने विभाग की निम्न उपलब्धियों के बारे में प्रेस एवं मीडिया को जानकारी प्रदान की।
PATNA: सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के संवाद कक्ष में मंत्री, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, श्रीमती लेशी सिंह की अध्यक्षता में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेस में विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह, निदेशक-सह-विशेष सचिव, उपभोक्ता संरक्षण निदेशालय,विभुति रंजन चौधरी, विशेष सचिव, उपेन्द्र कुमार, एवं प्रबंध निदेशक बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम सुनील कुमार उपस्थित रहें। आज की प्रेस कॉन्फ्रेस में मंत्री, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, श्रीमती लेशी सिंह ने विभाग की निम्न उपलब्धियों के बारे में प्रेस एवं मीडिया को जानकारी प्रदान की।
(1) अधिप्राप्तिः- धान अधिप्राप्तिः- "खरीफ विपणन मौसम 2025-26" अंतर्गत धान अधिप्राप्ति की अंतिम तिथि 31.03.2026 तक धान अधिप्राप्ति के लक्ष्य 36.85 लाख मीट्रिक टन के विरूद्ध 5,40,474 किसानों से 8807.47 करोड़ रूपये की 36.79 लाख मीट्रिक टन (अधिप्राप्ति लक्ष्य का 99.84 प्रतिशत) धान की अधिप्राप्ति की गई। विदित हो कि भारत सरकार द्वारा धान अधिप्राप्ति की अंतिम तिथि 28.02.2026 निर्धारित की गई थी, लेकिन राज्य सरकार के अथक प्रयास से भारत सरकार द्वारा इस तिथि को पुनर्निर्धारित कर 31.03.2026 किया गया। दिनांक-06.04.2026 तक चावल प्राप्ति हेतु कुल लक्ष्य 25 लाख मीट्रिक टन के विरूद्ध 12.06 लाख मीट्रिक टन चावल राज्य खाद्य निगम के संग्रहण केन्द्रों पर जमा कराया जा चुका है। शेष चावल की प्राप्ति अंतिम निर्धारित तिथि दिनांक- 15.06 2026 तक कर ली जाएगी।
गेहूँ अधिप्राप्तिः- "रबी विपणन मौसम 2026-27" के लिए भारत सरकार द्वारा गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एम०एस०पी०) पिछले वर्ष से 160 रूपया बढ़ाकर 2585 रूपया प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। विकेन्द्रीकृत अधिप्राप्ति व्यवस्था अंतर्गत रबी विपणन मौसम 2026-27 में राज्य के सभी जिलों में गेहूँ अधिप्राप्ति 01 अप्रैल 2026 से प्रारंभ की गयी है तथा गेहूँ अधिप्राप्ति की अंतिम तिथि दिनांक 15.06.2026 निर्धारित की गयी है। रबी विपणन मौसम 2026-27 के लिए भारत सरकार द्वारा बिहार राज्य के लिए गेहूँ का अधिप्राप्ति लक्ष्य 18000 मे० टन निर्धारित किया गया है। दिनांक-06.04.2026 तक 591 किसानों से 2617 मे0 टन गेहूँ की अधिप्राप्ति कर ली गई है। राज्य अन्तर्गत रबी विपणन मौसम 2026-27 में किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ गेहूँ क्रय करने के 48 घंटे के भीतर सुनिश्चित किये जाने की व्यवस्था की गयी है।
मसूर अधिप्राप्तिः- रबी विपणन मौसम 2026-27 के लिए भारत सरकार द्वारा मसूर का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एम०एस०पी०) 7000 रूपया प्रति क्विंटल निर्धारित की गयी है। रबी विपणन मौसम 2026-27 के लिए भारत सरकार द्वारा बिहार राज्य के लिए मसूर अधिप्राप्ति लक्ष्य 32000 मे० टन निर्धारित किया गया है। राज्य अन्तर्गत मसूर अधिप्राप्ति 10 अप्रैल 2026 से प्रारंभ किया जाना है तथा मसूर अधिप्राप्ति की अंतिम तिथि दिनांक-31.05.2026 निर्धारित की गयी है।
(2) खाद्यान्न वितरणः- राज्य में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अन्तर्गत आच्छादित कुल 8.55 करोड़ लाभुकों में अन्त्योदय परिवारों (AAY) को प्रति माह 35 किलोग्राम खाद्यान्न (14 किलोग्राम गेहूँ एवं 21 किलोग्राम चावल) तथा पूर्विकताप्राप्त गृहस्थी (PHH) के प्रत्येक लाभुकों को 5 किलोग्राम खाद्यान्न (02 किलोग्राम गेहूँ एवं 03 किलोग्राम चावल) निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।
वर्तमान में राज्य अन्तर्गत अन्त्योदय अन्य योजना (AAY) श्रेणी के अधीन 22. 87 लाख परिवार (83.08 लाख लाभुक) एवं पूर्विकताप्राप्त श्रेणी (PHH) के अधीन 1.87 करोड़ राशन कार्डधारी (7.72 करोड लाभुक) अर्थात कुल 2.10 करोड़ राशन कार्डधारी (8.55 करोड लाभुक्) आच्छादित हैं। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के अन्तर्गत लक्ष्यित जन वितरण प्रणाली के तहत भारत सरकार के द्वारा प्रति माह उपलब्ध कराये जा रहे 4.60 लाख मे०टन खाद्यान्न के मासिक आवंटन को लाभुकों को उनकी अनुमान्यता के अनुसार प्रति माह निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।
नये राशन कार्ड निर्माण की स्थितिः- राशन कार्ड के निर्माण हेतु प्रखण्ड स्तर पर RTPS Counter के माध्यम से ऑफलाईन मोड में आवेदन लिया जाता है। साथ ही ऑनलाईन राशन कार्ड निर्माण के लिए reonline.bihar.gov.in पर ऑनलाईन मोड में आवेदन लिया जाता है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम अंतर्गत पात्र लाभुकों के आच्छादन हेतु समय-समय पर कैंप मोड में अभियान चला कर राशन कार्ड निर्माण हेतु आवेदन लिया जाता है। राज्य में नये राशन कार्ड निमार्ण हेतु 01.04.2025 से ऑफलाईन एवं ऑनलाईन माध्यम से 02.04.2026 तक कुल 19,26,716 आवेदन प्राप्त हुये है जिसमें कुल 17,74,722 आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है।
संदिग्ध राशन कार्ड (Suspected Ration card)-- खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग, भारत सरकार द्वारा राज्य को Suspected 57.01 लाख Ration card का डाटा उपलब्ध कराया गया है। प्राप्त डाटा को सभी अनुमंडल पदाधिकारी के Login में उपलब्ध कराया गया है। संबंधित अनुमंडल पदाधिकारियों द्वारा 17.69 लाख राशन कार्ड को सही पाया गया तथा 35.36 लाख राशन कार्ड को रद्द करने हेतु चिन्हित किया गया है तथा शेष राशन कार्ड की जाँच प्रक्रियाधीन है।
जन वितरण प्रणाली दुकानों की रिक्तयाँ :- राज्य में वर्तमान में कुल 51,268 जन वितरण प्रणाली दुकान कार्यरत है। वर्तमान में सभी जिलों में जिलास्तर पर निर्मित रोस्टर के अनुसार राज्य में लगभग 4,948 जन वितरण प्रणाली दुकानों की रिक्तियाँ है, जिसमें 3,783 रिक्तियों से संबंधित विज्ञापन प्रकाशित कर दिया गया है और शेष 1,165 रिक्तियों पर वांछित कार्रवाई की जा रही है।
Toll Free एवं Helpline No. :- लाभुकों को निर्धारित मात्रा से कम मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराये जाने एवं निम्न गुणवत्ता का खाद्यान्न उपलब्ध कराये जाने जैसे शिकायतों के प्रभावी अनुश्रवण के लिए राज्य स्तर पर बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम में Toll Free No-1800-3456-194 कार्यरत है।
(3) उपभोक्ता संरक्षण निदेशालयः- उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 में उपभोक्ताओं के हितों के संरक्षण हेतु व्यापक प्रावधान हैं। उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने हेतु प्रत्येक माह राज्य के मुख्य / प्रतिष्ठित दैनिक समाचार पत्रों के माध्यम से विज्ञापन प्रकाशित कर उपभोक्ताओं को जागरूक किया जा रहा है। साथ ही Radio Jingle एवं Social Media Platform (Facebook, X, Instagram) के माध्यम से भी उपभोक्ताओं को जागरूक किया जा रहा है। उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने हेतु प्रत्येक जिला में होर्डिंग के माध्यम से भी उपभोक्ताओं को जागरूक किया जा रहा है।
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 में उल्लेखित प्रावधानों के आलोक में उपभोक्ता अधिकारों के संरक्षण एवं प्रोत्साहन हेतु सलाहकार परिषद के रूप में राज्य में राज्य उपभोक्ता संरक्षण परिषद एवं सभी 38 जिलों में जिला उपभोक्ता संरक्षण परिषद का गठन किया गया है। परिषद के गठन के उपरांत उपभोक्ता संरक्षण के उद्देश्य में जन भागीदारी को प्रोत्साहन मिलेगा। राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, बिहार, पटना के साथ-साथ सभी जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोगों में विडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा अधिष्ठापित करने की कार्रवाई की जा रही है। विडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा अधिष्ठापित होने के उपरांत उपभोक्ता कहीं से भी आयोग में वादों की सुनवाई में शामिल हो सकेंगे।
राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, बिहार, पटना जो एक अर्द्धन्यायिक संस्था है, में निजी सहायक एवं कार्यालय परिचारी का दो-दो एवं प्रोग्रामर एवं बेंच क्लर्क का एक-एक अतिरिक्त पद का सूजन किया गया है। पदों के सृजन से लंबित वादों का निष्पादन त्वारित होगा जिससे उपभोक्ता समय सीमा के अंदर अपना दावा प्राप्त कर लाभान्वित होंगे।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के आशुटंकक के 76 रिक्त पदों तथा बेंच क्लर्क के 16 रिक्त पदों एवं निम्नवर्गीय लिपिक के 26 रिक्त पदों पर नियुक्ति हेतु अधियाचना बिहार कर्मचारी चयन आयोग, बिहार, पटना को उपलब्ध करायी गयी है। आयोगों में कर्मियों की नियुक्ति होने के उपरांत उपभोक्ता समय सीमा के अंदर अपना दावा प्राप्त कर लाभान्वित होंगे।
दिनांक 31.01.2026 तक राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, बिहार, पटना के द्वारा 18,507 (अठारह हजार पाँच सौ सात) एवं बिहार के सभी जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोगों के द्वारा कुल 1,13,171 (एक लाख तेरह हजार एक सौ इकहत्तर) परिवाद पत्रों का निष्पादन करते हुए उपभोक्ताओं को लाभान्वित किया गया है।
(4) तेल एवं प्राकृतिक गैस (LPG) वर्तमान वैश्विक परिदृश्य से उत्पन्न ऊर्जा संकट में राज्य में घरेलू उपयोग हेतु घरेलू गैस सिलेन्डर की माँग के अनुरूप उपलब्ध कराया जा रहा है। गैस बुकिंग दर्ज होने के पश्चात तीन से चार दिनों के भीतर घरेलू गैस सिलेन्डर की आपूर्ति पूर्व की भाँति घर पर सुनिश्चित की जा रही है, उपभोक्ताओं को अनावश्यक रूप से गैस ऐजेसियों के पास भीड़ लगाने की आवश्यकता नहीं है।
घरेलू गैस सिलेन्डर के eKYC कराने के लिए गैस ऐजेंसी के पास जाने की आवश्यकता नही है, उपभोक्ता घर बैठे ही Indian OilONE, HelloBPCL. एवं HP PAY मोबाईल ऐप के माध्यम से स्वयं ही eKYC कर सकते है। घरेलू गैस सिलेन्डर के अवैध भंडारण, कालाबाजारी एवं व्यवसायिक उपयोग के विरूद्ध राज्यव्यापी छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। राज्यांतर्गत पेट्रोलियम उत्पाद की कालाबाजारी एवं जमाखोरी पर रोक लगाने हेतु राज्यांतर्गत गैस एजेंसियों पर अबतक कुल 12,792 निरीक्षण (Inspection) तथा अन्य संदेहास्पद स्थलों पर कुल 12,668 निरीक्षण करते हुए राज्यांतर्गत कुल 25,560 निरीक्षण किया जा चुका है। इन निरीक्षणों के आधार पर राज्य में कुल 1662 गैस सिलेन्डरों की जब्ती के साथ कुल 114 FIR दर्ज की गयी है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, भारत सरकार के पत्र के आलोक में व्यवसायिक उपयोग हेतु आवंटित एल०पी०जी० के 70% व्यवसायिक एल०पी०जी० का उपयोग प्राथमिकता के आधार पर किये जाने हेतु सभी जिला पदाधिकारियो को विभागीय स्तर से निदेशित किया गया है।
नियंत्रण कक्ष (Control Room):- तेल एवं प्राकृतिक गैस (LPG) की उत्पन्न समस्याओं के मद्देनजर आमजन को होने वाली कठिनाईयों के निदान हेतु खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना के अन्तर्गत एक राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष (Control Room) की स्थापना की गई है, जो दिनांक-13.03.2026 से प्रतिदिन 7:00 बजे पूर्वाह्न से 9:00 बजे अपराह्न तक कार्य कर रहा है। उक्त अवधि में आम जन अपनी समस्याओं या हो रही कठिनाईयों को उक्त नियंत्रण कक्ष (Control Room) के दूरभाष संख्याः 0612-2233050 एवं राज्य के सभी जिलों में स्थापित नियंत्रण कक्ष (Control Room) पर अवगत्त करा रहें हैं।
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा नियंत्रण कक्ष (Control Room) में प्राप्त शिकायतों / समस्यों से संबंधित प्राधिकार तक पहुँचाकर शिकायतो/ समस्यों का समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। 05.04.2026 तक खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग में स्थापित नियंत्रण कक्ष (Control Room) में कुल 5,416 शिकायते प्राप्त हुई है। जिसमें 4333 का निष्पादन किया जा चुका है शेष 1,083 शिकायतों का निष्पादन किया जा रहा है।
घरेलू पाइप्ड नैचुरल गैस (PNG):- Petroleum and Natural Gas Regulatory Board (PNGRB) भारत सरकार ने बिहार के सभी 38 जिलों में PNG और CNG के वितरण के लिए "बिहार शहरी गैस वितरण नीति-2025" (CGD Policy-2025) के अंतर्गत 06 तेल विपणन कंपनियों को अधिकृत किया है। राज्य के पटना जिले में GAIL. बांका जिले में HPCL. बेगूसराय जिले में THINK GAS, गयाजी एवं नालंदा जिले में Indian Oil-Adani Gas Pvt. Ltd. (IOAGPL), दरभंगा, गोपालगंज, मधुबनी, प० चम्पारण, पूर्वी चम्पारण, शिवहर, सीतामढ़ी, सिवान एवं सुपौल जिलों में BPCL तथा राज्य के शेष 24 जिलों में IOCL द्वारा घरेलू PNG गैस कनेक्शन प्रदान की जा रही है।
इच्छुक उपभोक्ता अपने जिले में संबंधित सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कम्पनी की आधिकारिक वेबसाईट पर जाकर निशुल्क ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। राज्य में अबतक कुल 99,346 घरों में PNG गैस कनेक्शन को लाईव कर दिया गया है तथा 55,025 घर कनेक्शन के लिए तैयार है। आज बिहार में 01 लाख से अधिक घरों में PNG की आपूर्ति की जा रही है। और लगभग 3.39 लाख घरों में Infrastructure लगाया जा चुका है, जिन्हें जल्द से जल्द चालू करने की कार्रवाई की जा रही है। पिछले एक वर्ष में बिहार में PNG कनेक्शन की गति लगभग 3,000-3,500 प्रति माह थी, जो मार्च 2026 में बढ़कर 8,000 प्रति माह हो गई है।
राज्य के 17 जिलों यथा (पटना, बेगूसराय, गयाजी, नालंदा, पूर्णिया, औरंगाबाद, रोहतास, भोजपुर, मधेपुरा, लखीसराय, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सारण, समस्तीपुर, जमूई एवं शेखपुरा) में पाइपलाइन के माध्यम गैस की उपलब्धता सुनिश्चित कर दी गई है। 12 जिलों यथा (बांका, कटिहार, कैमूर (भभुआ), बक्सर, सहरसा, दरभंगा, मधुबनी, शिवहर, सीतामढ़ी, पूर्वी चम्पारण, पश्चिम चम्पारण, एवं सिवान) सीजीडी इंफ्रास्ट्रक्चर लगाए जा चुके हैं, जिन्हें जल्द से जल्द पाइपलाइन या डी-कम्प्रेशन यूनिट (DCU) के माध्यम से चालू करने का प्रयास किया जा रहा है। राज्य में PNG गैस कनेक्शन में तेजी लाने हेतु विभाग के स्तर से सभी आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है।
विभाग नें संबंधित सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कम्पनी को भूमि उपलब्धता लीज हस्तांतरण सड़क की कटाई एवं अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) की प्रक्रिया को सरल करने हेतु "बिहार शहरी गैस वितरण नीति-2025" (CGD Policy-2025) लाया गया है। PNG एक सुरक्षित, किफायती और सुविधाजनक ईंधन है। इसका राज्य में व्यापक स्तर पर उपयोग हेतु राज्य सरकार प्रयासरत् है। पटना से एनबीसी24 संवाददाता कुमार गौतम की खास रिपोर्ट।